रुद्रपुर/काशीपुर। काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में आत्महत्या करने वाले किसान सुखवंत सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद जब उनके पैतृक नगर काशीपुर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। शव के पहुंचते ही बड़ी संख्या में किसान, रिश्तेदार और स्थानीय लोग एकत्र हो गए। इस दौरान परिजनों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष तीन अहम मांगें रखीं और चेतावनी दी कि समय पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बाद में प्रशासन ने तीन में से दो मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे दिया।
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बीते शाम शव घर पहुंचने के बाद परिजनों ने प्रशासन को दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम देते हुए तीन मांगें रखीं। इसके बाद सोमवार सुबह एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह, एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह और एडिशनल एसपी/सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन ने मृतक के परिजनों से वार्ता की।
एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा रखी गई मांगों को लेकर प्रशासन गंभीर है और उन्हें पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में आवश्यक और विधिक कदम उठाए जाएंगे।
वहीं एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि मामले का संज्ञान स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया है। उनके निर्देश पर मंडल आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और धनराशि की रिकवरी को लेकर परिजनों की मांग पर विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इस पर प्रशासन व परिवार के बीच सहमति बन गई है।
किसान नेता जितेंद्र सिंह जीतू ने बताया कि प्रशासन के साथ हुई वार्ता में सहमति बनी है कि करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी में से 25 प्रतिशत राशि परिवार को पहले ही दी जा चुकी है। शेष 75 प्रतिशत रकम की रिकवरी के लिए प्रशासन ने 19 जनवरी तक का समय मांगा है, जो 20 जनवरी को होने वाले भोग से एक दिन पूर्व है। उन्होंने कहा कि दोषियों से रकम की वसूली की जाएगी और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी भी की जा रही है, जिस पर परिवार ने सहमति जताई है।
किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि 19 जनवरी तक शेष राशि की रिकवरी नहीं होती है तो 20 जनवरी को हाईवे जाम किया जाएगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में काशीपुर के किसान की आत्महत्या के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी जिम्मेदारी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई है। वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस भी सरकार पर हमलावर नजर आ रही है।





