नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल स्पीकरों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि यह सम्मेलन जल्द शुरू होने जा रहा है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के स्पीकर और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य पीठासीन अधिकारियों की निष्पक्षता, भूमिका और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना है, जो 1969 में इसके गठन के समय से ही इसका केंद्रीय विषय रहा है।

सोमवार को मीडिया से बातचीत में ओम बिरला ने बताया कि सम्मेलन की कार्यकारी बैठक 14 जनवरी को होगी, जिसमें 15 देशों के स्पीकर हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस दौरान अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) के अध्यक्ष और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के चेयरपर्सन भी उपस्थित रहेंगे।
मुख्य सम्मेलन सत्र 15 और 16 जनवरी को आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन भारत के नए संसद भवन, संविधान सदन में होगा। ओम बिरला ने बताया कि 1971, 1986 और 2010 के बाद 16 वर्षों में एक बार फिर भारत को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है।
सम्मेलन में संसद को जनता के और करीब लाने, नई तकनीकों के उपयोग, नवाचार, डिजिटल माध्यमों से सहभागिता बढ़ाने और केवल मतदान तक सीमित न रहकर जनता को संसदीय प्रक्रिया से जोड़ने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की संसद 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करती है, जहां सहमति और असहमति के साथ विचार-विमर्श लोकतंत्र की आत्मा है।
Press Conference on #CSPOC2026 | 28th Conference of Commonwealth Speakers | Parliament of India, New Delhi https://t.co/KhRxkEALDO
— Om Birla (@ombirlakota) January 12, 2026
ओम बिरला ने बताया कि यह सम्मेलन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होगा। इसमें कागज का उपयोग नहीं किया जाएगा और पूरी व्यवस्था वेब-बेस्ड मैनेजमेंट सिस्टम पर आधारित होगी। सभी गतिविधियां एक विशेष ऐप के माध्यम से संचालित की जाएंगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए परिपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक के सम्मेलनों में इस बार सबसे अधिक स्पीकरों की भागीदारी होगी।
हालांकि, बांग्लादेश में संसद भंग होने के कारण वहां से कोई स्पीकर शामिल नहीं होगा, जबकि पाकिस्तान ने भी सम्मेलन में भाग न लेने का निर्णय लिया है। वहीं, कनाडा के स्पीकर सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओम बिरला ने आगामी बजट सत्र को लेकर बताया कि इस बार सदस्यों को 22 भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।
लोकसभा में ई-सिगरेट मामले पर उन्होंने कहा कि जांच जारी है और जल्द पूरी होगी। जांच के बाद नियमों के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन द्वारा तय नियमों को चुनौती नहीं दी जा सकती।
संसद में गतिरोध पर अपनी राय रखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि चर्चा और संवाद से ही समाधान निकलता है। नारेबाजी, तख्तियां और बैनर लाना संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि संसदीय मूल्यों में कोई गिरावट नहीं आई है और सदस्यों को पर्याप्त समय दिया जाता है। साथ ही, उन्होंने अनावश्यक गतिरोध को हतोत्साहित करने में मीडिया की भूमिका को भी अहम बताया।
यह सम्मेलन राष्ट्रमंडल देशों के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।





