हल्द्वानी/कुमाऊं: सोशल मीडिया पर कुमाऊं की महिलाओं, स्थानीय संस्कृति और देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में जेल में बंद व्लॉगर–इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार सुबह जहां पुलिस की ओर से उन्हें पहला नोटिस तामील कराया गया था, वहीं शनिवार शाम तक कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में उनके खिलाफ सात नए मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिससे मामला अब गंभीर क्षेत्रीय स्वरूप लेता दिख रहा है।

पुलिस के अनुसार, दर्ज अधिकांश मामलों में आरोप है कि ज्योति अधिकारी ने हल्द्वानी स्थित बुद्ध पार्क में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक स्थल पर दराती लहराते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से कुमाऊं की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक, अपमानजनक और समाज को विभाजित करने वाले बयान दिए। इसके साथ ही उन पर कुमाऊं के देवी-देवताओं को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए गए हैं।
शुक्रवार को ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर और खटीमा थानों के साथ-साथ अल्मोड़ा तथा हल्द्वानी के मुखानी थाने में अलग-अलग तहरीरों के आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए। मुखानी थाने में एक मामले में पुलिस स्वयं वादी बनी और जूही चुफाल को धमकाने से जुड़ा एक अलग केस दर्ज किया गया। इससे पहले भी जूही चुफाल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में पुलिस ने ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
बताया जा रहा है कि रुद्रपुर में भाजपा महिला मोर्चा दक्षिणी मंडल की अध्यक्ष ममता त्रिपाठी और खटीमा में सावित्री चंद ने पुलिस को तहरीर सौंपी। वहीं अल्मोड़ा जिले के पांडेखोला निवासी मीनाक्षी कुवार्बी ने भी ज्योति अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अल्मोड़ा कोतवाली प्रभारी योगेश चंद्र उपाध्याय ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।
शनिवार को ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज, काशीपुर और जसपुर कोतवाली में तीन और मुकदमे दर्ज किए गए। सितारगंज निवासी वेद प्रकाश ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि ज्योति अधिकारी ने सार्वजनिक मंच से दराती लहराते हुए उत्तराखंड की महिलाओं और देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। काशीपुर में द्वारका एनक्लेव निवासी उमा बिष्ट और जसपुर में भाजपा नगर अध्यक्ष राजकुमार चौहान की तहरीर पर भी पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं।
सितारगंज कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि अब तक कुमाऊं मंडल में ज्योति अधिकारी के खिलाफ कुल सात मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। सभी मामलों में सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाएं आहत करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
उधर, ज्योति अधिकारी की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर शुक्रवार को द्वितीय अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस याचिका पर सोमवार, 12 जनवरी को सुनवाई होने की संभावना है।
लगातार दर्ज हो रहे मुकदमों के चलते यह मामला अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर सामाजिक और कानूनी बहस का विषय बनता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच निष्पक्ष रूप से कानून के दायरे में की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। वहीं सोशल मीडिया पर भी यह प्रकरण चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जहां कुछ लोग ज्योति अधिकारी के समर्थन में नजर आ रहे हैं तो कई लोग पुलिस की कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं के पक्ष में अपनी राय रख रहे हैं।





