नैनीताल: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक वीडियो के सामने आने के बाद बढ़ी पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कानूनी मुश्किलों के बीच उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने सुरेश राठौर के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में दर्ज चारों मुकदमों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार के बहादराबाद और झबरेड़ा थाने के साथ-साथ देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला कोतवाली में मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन सभी मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरेश राठौर ने उत्तराखंड हाईकोर्ट का रुख किया था।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ में हुई। इससे पहले मंगलवार, 6 जनवरी को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने बहादराबाद और डालनवाला थाने में दर्ज मुकदमों में राठौर को अंतरिम राहत दी थी। वहीं, बुधवार 7 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों में गिरफ्तारी पर रोक के आदेश दे दिए। हालांकि, कोर्ट ने मुकदमों को फिलहाल निरस्त नहीं किया है।
मामले के अनुसार, सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो जारी कर एक भाजपा नेता की छवि धूमिल करने की कोशिश की। शिकायतकर्ताओं की ओर से इसे राजनीतिक बदनामी का मामला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी, जिसके बाद दोनों के खिलाफ विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज की गई थीं।
गौरतलब है कि दिसंबर के अंत में उर्मिला सनावर, जो स्वयं को सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं, ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने दोनों के बीच हुई कथित मोबाइल बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी की थी, जिसमें अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र किया गया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद करीब तीन साल पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया।
वीडियो के बाद जहां सुरेश राठौर के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए, वहीं उर्मिला सनावर के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में केस दर्ज हुए हैं। पुलिस की ओर से दोनों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।





