हरिद्वार। लक्सर में गैंगस्टर विनय त्यागी पर हुई दिनदहाड़े फायरिंग और बाद में उसकी मौत के मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। यह एसआईटी सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) के नेतृत्व में घटना की सभी पहलुओं से जांच करेगी।

एसएसपी के आदेश के तहत जांच की जिम्मेदारी सिटी सर्किल ऑफिसर (हरिद्वार) शिशुपाल सिंह नेगी को सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में गठित एसआईटी घटना से जुड़े सभी तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल करेगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। टीम में बहादराबाद थानाध्यक्ष एसआई अंकुश शर्मा, लक्सर कोतवाली के एसआई विपिन कुमार, हेड कॉन्स्टेबल विनोद कुंडलिया तथा रुड़की सीआईयू यूनिट के कॉन्स्टेबल महिपाल को शामिल किया गया है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, ताकि किसी भी तरह की शंका को दूर किया जा सके और सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतक विनय त्यागी के परिजन भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है।
लक्सर फ्लाईओवर पर हुई थी दिनदहाड़े फायरिंग
घटना के अनुसार, 24 दिसंबर को हरिद्वार पुलिस मोस्ट वांटेड अपराधी विनय त्यागी को रुड़की जेल से लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान लक्सर फ्लाईओवर पर बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस सुरक्षा के बीच पुलिस वाहन पर फायरिंग कर दी, जिसमें विनय त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए थे। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 दिसंबर को खानपुर थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर के जंगलों से दोनों फरार आरोपियों को बिजनौर हाईवे के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय सन्नी यादव उर्फ शेरा और 24 वर्षीय अजय पुत्र कुंवर सैन, दोनों निवासी काशीपुर, उधम सिंह नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हार्डकोर अपराधी हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान हुई मौत
गंभीर रूप से घायल विनय त्यागी को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था, जहां 27 दिसंबर की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उसे सीने, हाथ और गले में गोलियां लगी थीं।
पुलिस जांच में सामने आया था कि रुपयों के लेन-देन को लेकर सन्नी यादव की विनय त्यागी से पुरानी रंजिश थी, जिसके चलते उसने अजय के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, मृतक के परिजन पुलिस की इस थ्योरी से संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों ने हत्या के पीछे ईडी और करीब 750 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी से जुड़े मामले का दावा किया है। इसके बाद त्यागी समाज से जुड़े संगठनों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की थी।





