ऋषिकेश: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऋषिकेश के आसपास की खाली वन भूमि के चिन्हीकरण को लेकर लोगों में चिंता और विरोध बढ़ गया है। शनिवार को आक्रोशित लोग सड़क छोड़कर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
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शिवाजी नगर में आयोजित बैठक में पार्षद सुरेंद्र सिंह नेगी और अभिनव सिंह मलिक के नेतृत्व में कई लोग शामिल हुए। बैठक में उपस्थित लोगों ने वन विभाग की कार्रवाई पर अपनी आपत्ति व्यक्त की और आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की।

मनसा देवी रेलवे फाटक के पास सैकड़ों लोग ट्रैक पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी भूमि हाथ से न जाए, इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर लोगों को शांत करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन लोग अपने موقف पर अड़े हुए हैं।
इस विरोध के कारण योग नगरी स्टेशन से आने-जाने वाली गंगानगर एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे तक ट्रैक पर रुकी रही। इस वजह से अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है और यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।

वन विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत खाली पड़ी वन भूमि का सर्वे कर उसे कब्जे में ले रहा है। पार्षद अभिनव सिंह मलिक ने कहा, “यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार हो रही है। वर्तमान में पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है। 5 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई है। जरूरत पड़ने पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी।”

इसके अलावा, जल्द ही एक विशाल जनसभा आयोजित कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल को जन संवाद के लिए आमंत्रित किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल विशेष सत्र बुलाकर वन भूमि पर कब्जे वाले क्षेत्रों को विशेष कानून के तहत हक देने की मांग की है।





