रुद्रपुर। शहर में डंपरों की तेज रफ्तार से हो रही दुर्घटनाओं को लेकर कांग्रेस और पुलिस प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। मामला तब गरमाया जब कोतवाली पुलिस ने दो कांग्रेसी नेताओं और दर्जनभर से अधिक अज्ञात पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने तीखी नाराजगी जताई है।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहन खेड़ा ने पुलिस पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह मामला पूरी तरह फर्जी है, जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।” खेड़ा ने आरोप लगाया कि रुद्रपुर में डंपर मौत बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं और आए दिन निर्दोष लोगों की जान ले रहे हैं। दो दिन पहले ही इंदिरा चौक पर ड्यूटी से लौट रहे एक व्यक्ति की डंपर की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
खेड़ा का कहना है कि इन्हीं घटनाओं के विरोध और डंपरों पर रोक लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उस समय मीडिया भी मौजूद थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनके साथ-साथ पार्षद कुरैशी और दर्जनभर पत्रकारों पर भी मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। साथ ही चेतावनी दी कि कांग्रेस झूठे मुकदमे को कभी स्वीकार नहीं करेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।

इधर, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा, “अंग्रेजों का राज खत्म हो चुका है, लोकतंत्र में विरोध करने पर नेताओं और पत्रकारों पर मुकदमे निंदनीय हैं। इन्हें तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।” हालांकि, उन्होंने नगर क्षेत्र में दिन के समय डंपरों के प्रवेश पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगाई गई रोक की सराहना भी की और कहा कि यह मांग व्यापार मंडल लंबे समय से कर रहा था।
गौरतलब है कि रुद्रपुर में यातायात नियमों की अनदेखी कर डंपर बेखौफ सड़कों पर दौड़ते हैं। इन पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।





