भारत समेत दुनियाभर में अपने आध्यात्मिक प्रवचनों से करोड़ों भक्तों के दिलों में जगह बनाने वाले प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज इस समय किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के एक मुस्लिम युवक ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम कर दी है।

इटारसी के आरिफ खान चिश्ती ने दिखाई बड़ी दरियादिली
नर्मदापुरम जिले के इटारसी निवासी 26 वर्षीय आरिफ खान चिश्ती ने संत प्रेमानंद महाराज को अपनी एक किडनी दान करने की पेशकश की है। चिश्ती ने कलेक्टर सोनिया मीणा के माध्यम से संत को पत्र भेजते हुए लिखा कि,
“मैं जीवित रहूं या न रहूं, लेकिन आपका जीवन इस दुनिया के लिए बेहद अनमोल है। मैं स्वेच्छा से अपनी एक किडनी आपको अर्पित करना चाहता हूं। कृपया मेरी यह छोटी सी भेंट स्वीकार करें।”
“नफरत के माहौल में प्रेमानंद महाराज उम्मीद की किरण”
आरिफ खान ने पत्र में प्रेमानंद महाराज की तारीफ करते हुए कहा कि मौजूदा नफरत भरे माहौल में ऐसे संतों की जरूरत है। उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा,
“प्रेमानंद महाराज के शब्द नफरत के खिलाफ एंटीबायोटिक की तरह काम करते हैं। वह समाज को प्रेम और भाईचारे के सूत्र में बांध रहे हैं। मैं उनके ऑनलाइन भाषणों से गहराई से प्रभावित हूं।”
परिवार और शिक्षा
आरिफ खान ने हाल ही में शादी की है। उनके परिवार में तीन बड़े भाई और पिता हैं। पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने 12वीं तक शिक्षा हासिल की है।
संत प्रेमानंद महाराज की स्वास्थ्य स्थिति
वृंदावन (उत्तर प्रदेश) स्थित अपने आश्रम में रहने वाले प्रेमानंद महाराज फिलहाल किडनी रोग से पीड़ित हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी दोनों किडनियां काम करना बंद कर चुकी हैं और वह इलाज करा रहे हैं।





