रुद्रपुर में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते कल्याणी नदी उफान पर आ गई और विकराल रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों—जगतपुरा, आजादनगर, और भूतबंग्ला—में पानी भर गया, जिससे इन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए।

बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों को पूरी रात जागकर घरों की छतों पर बितानी पड़ी। बुधवार सुबह तक इन क्षेत्रों में पांच फीट तक पानी भर गया था। जगतपुरा काली मंदिर, मुखर्जी नगर, वार्ड 39, आजादनगर, वार्ड 17 और भूतबंग्ला जैसे इलाकों में जलभराव से लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोग घरों का सामान बचाने में जुट गए।
जैसे ही कल्याणी नदी के उफान और बाढ़ की खबर प्रशासन को मिली, तुरंत एसडीएम मनीष बिष्ट, नगर आयुक्त नरेश चंद्र दुर्गापाल, तहसीलदार दिनेश कुटौला, पुलिस, राजस्व और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
प्रभावित इलाकों में सबसे ज्यादा असर वार्ड 39 के जगतपुरा, भूतबंग्ला और आजादनगर में देखने को मिला, जहां लगभग 200 परिवार प्रभावित हुए। प्रशासन ने रेस्क्यू कर 160 लोगों को बालिका विद्या मंदिर और कन्या जूनियर हाईस्कूल में तथा 50 लोगों को ओम पब्लिक स्कूल में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
बाढ़ का पानी घरों में तीन से चार फीट तक घुस गया, जिससे अनाज, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान बर्बाद हो गया। एसडीएम ने राहत कैंपों का निरीक्षण किया और वहां पीड़ितों के लिए भोजन एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इधर, महापौर विकास शर्मा और ट्रांजिट कैंप थाने के निरीक्षक महेश चंद्र पांडेय भी ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित मोहल्लों का निरीक्षण करने पहुंचे और हालात का जायज़ा लिया। प्रशासन द्वारा लगातार राहत कार्य जारी हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।





