रियाद: सऊदी अरब के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले और ‘स्लीपिंग प्रिंस’ के नाम से दुनिया भर में पहचाने जाने वाले प्रिंस अलवलीद बिन खालिद बिन तलाल का शनिवार, 19 जुलाई को निधन हो गया। 36 वर्षीय प्रिंस पिछले लगभग दो दशकों से कोमा में थे।

ग्लोबल इमाम काउंसिल (GIC) ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, “हम दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पूरे शाही परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं। यह दुखद क्षति एक लंबी और कठिन यात्रा के बाद हुई है, जिसमें प्रिंस अलवलीद ने लगभग 20 वर्षों तक मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष किया।”
काउंसिल ने प्रिंस के पिता खालिद बिन तलाल और उनके परिवार द्वारा दिखाए गए धैर्य और आस्था को भी श्रद्धांजलि दी। “हम अल्लाह से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत प्रिंस को जन्नतुल फिरदौस में स्थान दे और उनके परिजनों को सब्र अता फरमाए।”
कैसे हुआ हादसा?
प्रिंस अलवलीद को यह गंभीर चोट लंदन में पढ़ाई के दौरान एक सड़क दुर्घटना में लगी थी। सिर पर गहरी चोट लगने से मस्तिष्क में आंतरिक रक्तस्राव हो गया, जिसके बाद उन्हें रियाद के किंग अब्दुलअज़ीज़ मेडिकल सिटी में भर्ती कराया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया।
परिवार ने दुनिया भर के विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाकर इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन वे कभी होश में नहीं आ पाए। खलीज टाइम्स के अनुसार, उनके शरीर में कभी-कभार हल्की हरकतें होती थीं, जिससे परिवार को उम्मीद की किरण मिलती थी। उनके पिता अक्सर सोशल मीडिया पर इन गतिविधियों के वीडियो शेयर करते रहे।
अंतिम संस्कार की जानकारी
प्रिंस अलवलीद की जनाज़े की नमाज़ रविवार, 20 जुलाई को रियाद की इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला मस्जिद में अस्र की नमाज़ के बाद अदा की जाएगी। महिलाओं के लिए नमाज़ ज़ुहर के बाद किंग फैसल स्पेशलिस्ट अस्पताल में होगी।





