गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को निशाने पर लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने एक पोस्ट के ज़रिए नेहरू पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि साल 1963 में ओडिशा का चरबतिया एयरपोर्ट अमेरिका को सौंप दिया गया था।

दुबे ने लिखा,
“राहुल गांधी और कांग्रेस परिवार की अमेरिका के आगे सरेंडर की नीति रही है। नेहरू जी ने 1963 में चरबतिया एयरपोर्ट अमेरिका को दे दिया था। गुलामी और देश को बेचने की मानसिकता ने हमें पाकिस्तान जैसी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। यह एक ऐसा काला अध्याय है जो मन को विचलित और व्यथित करता है।”
बीजेपी सांसद ने इस पोस्ट के साथ एक दस्तावेज़ भी साझा किया है, जिसे उन्होंने अमेरिका की सरकार का गोपनीय डॉक्यूमेंट बताया है, जो वर्ष 2013-14 में सार्वजनिक हुआ था।
कांग्रेस पर लगातार हमलावर हैं दुबे
निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर हमला कोई नया नहीं है। इससे एक दिन पहले भी उन्होंने X पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए लिखा,
राहुल गांधी जी और कांग्रेस के परिवार का अमेरिका के आगे सरेंडर
नेहरु जी ने 1963 में हमारे उड़ीसा का चरबटिया एयरपोर्ट अमेरिका को दे दिया
ग़ुलामी और देश बेचने ,तोड़ने की मानसिकता ने हमें पाकिस्तान की तरह अमेरिका के सामने खड़ा कर दिया
यह काला अध्याय मन विचलित भी है,व्यथित भी pic.twitter.com/05e4Tf2ZRL— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) July 15, 2025
“डूब मरो कांग्रेसी, यह अमेरिका का गोपनीय दस्तावेज है जो अब जनता के सामने है।”
साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस दस्तावेज में भारत के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े कई खतरनाक खुलासे किए गए हैं।
दुबे के गंभीर आरोप: अमेरिका से गुप्त समझौता
डूब मरो कॉंग्रेसी यह अमेरिका की सरकार का गोपनीय दस्तावेज है जो 2013-14 में जनता के सामने आया
1. उत्तराखंड,उत्तरप्रदेश,बिहार,झारखंड,बंगाल,सिक्किम,असम में कैंसर,दमा,टीबी,डायबिटीज़ का ज़िम्मेदार नेहरु जी अमेरिका का समझौता है
2. 1962 में नेहरु जी के साथ हिमालय पर न्यूक्लियर… pic.twitter.com/7Ljx2dfENJ— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) July 14, 2025
दुबे ने अपनी पोस्ट में दो अहम दस्तावेज साझा करते हुए कांग्रेस पर कई बड़े आरोप लगाए, जिनमें शामिल हैं:
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उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, सिक्किम और असम में कैंसर, दमा, टीबी और डायबिटीज जैसी बीमारियों की वजह 1960 के दशक में नेहरू द्वारा अमेरिका के साथ किया गया समझौता है।
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1962 में हिमालय क्षेत्र में न्यूक्लियर जनरेटर लगाने के लिए अमेरिका के साथ गुप्त समझौता हुआ था।
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1963-65 में सीबीआई के गठन के तुरंत बाद पहला मामला CIA के साथ मिलकर इसी योजना से जुड़ा था।
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आज भी वह न्यूक्लियर जनरेटर मौजूद है, जिसने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर डाला है।
पोस्ट के अंत में दुबे ने लिखा,
“भगवान रक्षा करें।”





