दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता दिख रहा है। राजधानी दिल्ली में जहां 23 एक्टिव केस सामने आए हैं, वहीं गाजियाबाद में भी 4 नए मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। गुरुग्राम में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें संक्रमित व्यक्ति ने न कहीं यात्रा की और न ही घर से बाहर निकला, फिर भी वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। फरीदाबाद में भी संक्रमण के मामले बढ़ते दिख रहे हैं। इस बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने तुरंत एक विशेष एडवाइजरी जारी की है और सभी अस्पतालों को सतर्क कर दिया है।

दिल्ली सरकार की नई गाइडलाइन:
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सभी अस्पताल ऑक्सीजन स्टॉक की जांच करें।
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अस्पतालों में पर्याप्त बेड्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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दवाइयों और वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक तैयार रखा जाए।
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वेंटिलेटर और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों को सक्रिय स्थिति में रखा जाए।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजा जाए। इसके अलावा, रोज़ाना की रिपोर्टिंग दिल्ली स्टेट हेल्थ पोर्टल और IHIP प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान:
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि 8 वरिष्ठ अधिकारियों की एक निगरानी टीम बनाई गई है जो अस्पतालों में जाकर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही है। सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
अन्य राज्यों में भी बढ़े केस:
महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी कोविड मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का नया वेरिएंट JN.1 धीरे-धीरे फैल रहा है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह वेरिएंट उतना घातक नहीं है।





