हिसार (हरियाणा): पाकिस्तान यात्राओं और पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी दानिश से रिश्तों को लेकर चर्चा में आई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक यही सवाल उठ रहा है – क्या वह जासूस है या उसे इस्तेमाल किया गया?

लेकिन अब हिसार पुलिस ने इस मामले में उठ रही अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है और जांच से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं।
जासूसी का शक, लेकिन नहीं मिले पुख्ता सबूत
16 मई को ज्योति को भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और गोपनीयता कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। उस पर कुछ संदिग्ध लोगों से संपर्क और संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है, जिससे ये कहा जा सके कि ज्योति ने सैन्य या रणनीतिक जानकारी लीक की है। जांच अब भी जारी है।
क्या बरामद किया गया?
पुलिस ने ज्योति के पास से:
-
3 मोबाइल फोन
-
1 लैपटॉप
-
और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
इसके अलावा, कुरुक्षेत्र निवासी हरकीरत, जो वीज़ा सेवा से जुड़ा है, उससे भी पूछताछ हुई है। उसके 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, लेकिन फिलहाल उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।
जांच एजेंसियों की नजर में, लेकिन कोई सीधा लिंक नहीं
ज्योति इस समय 5 दिन की पुलिस रिमांड में है। जांच में केंद्रीय एजेंसियों की भी भागीदारी है, लेकिन अभी तक किसी एजेंसी ने उसे अपनी हिरासत में नहीं लिया है।
पुलिस का कहना है कि –
-
उसके किसी आतंकी संगठन से संबंध के प्रमाण नहीं मिले हैं।
-
न ही किसी PIO (पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी) से शादी या धर्म परिवर्तन की पुष्टि हुई है।
वॉट्सएप चैट और डायरी पर भी स्थिति स्पष्ट
पुलिस ने बताया कि ज्योति की वॉट्सएप चैट या डायरी के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। सोशल मीडिया पर जो डायरी के पन्ने वायरल हो रहे हैं, वो पुलिस के कब्जे में नहीं हैं।
बैंक खातों की भी जांच जारी है, लेकिन पैसों के लेन-देन को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
मीडिया से संयम बरतने की अपील
हिसार पुलिस ने मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भ्रामक खबरें न फैलाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी बात को रिपोर्ट करना राष्ट्रीय सुरक्षा और जांच को प्रभावित कर सकता है।





