जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को पूंछ का दौरा कर पाकिस्तान की ओर से की गई बिना उकसावे की गोलीबारी में अपने परिजनों को खो चुके पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राहत राशि (एक्स-ग्रेच्युटी) और अन्य मदद पहले ही दी जा चुकी है और आगे और सहायता भी दी जाएगी।

एलजी सिन्हा ने कहा, “प्रभावित परिवारों का उचित पुनर्वास मेरी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरी निष्ठा से काम कर रहा है। हम सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
जम्मू-कश्मीर में बंकरों का निर्माण होगा तेज़
एलजी ने जानकारी दी कि सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर (SRE) योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में व्यक्तिगत और सामुदायिक बंकरों के निर्माण की प्रक्रिया को तेज़ किया जाएगा ताकि सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पूंछ के दौरे के दौरान LG सिन्हा ने गुरुद्वारा डेरा संतपुरा नागली साहिब में श्रद्धांजलि अर्पित की और स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने वहां के लोगों की बहादुरी और सांप्रदायिक सौहार्द की सराहना करते हुए कहा कि “पूंछ के लोगों ने कठिन हालात में भी हिम्मत नहीं हारी और समाज में शांति बनाए रखी।”
‘गुरुद्वारा, मंदिर और मस्जिद को बनाया गया निशाना’
एलजी ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “पाकिस्तान ने न सिर्फ निर्दोष लोगों को निशाना बनाया, बल्कि गुरुद्वारा, मंदिर और मस्जिद जैसे पवित्र स्थलों को भी अपनी नापाक हरकतों से नहीं छोड़ा। ये समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश है, लेकिन हम सब एकजुट हैं और हर षड्यंत्र को नाकाम करेंगे।”
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
एलजी ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा बल आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रखेंगे। दौरे के अंत में उन्होंने डंगुस क्षेत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायल परिवारों को सभी जरूरी सेवाएं जल्द बहाल की जाएं। साथ ही उन्होंने बंकर निर्माण, जिला अस्पताल की सुविधाएं सुधारने और सिविल डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने का भी निर्देश दिया।





