पटना: बिहार में फर्जी अधिकारियों के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पटना पुलिस ने खुद को CBI अफसर बताकर लोगों से जबरन वसूली करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक संगठित गिरोह के तहत काम कर रहे थे और आम लोगों को डरा-धमका कर उनसे पैसे वसूलते थे। पुलिस ने इन तीनों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा है।

CBI अफसर बनकर करते थे धमकियां
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते थे और उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। इतना ही नहीं, जांच में सामने आया है कि ये आरोपी लूट और डकैती जैसी घटनाओं में भी शामिल रहे हैं।
भारी मात्रा में हथियार और फर्जी दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, छह मोबाइल फोन, सेना की वर्दी और फर्जी CBI पहचान पत्र बरामद किए हैं। इससे साफ है कि ये गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ लोगों को झांसा देता था और अपना प्रभाव जमाने के लिए हथियार और फर्जी डॉक्युमेंट्स का इस्तेमाल करता था।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान रीतन कुमार सिंह, अरविंद कुमार और नीतीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि ये सभी पटना के अलग-अलग इलाकों से पकड़े गए हैं। इन पर पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पटना पुलिस ने बताया, “प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों से वसूली करते थे। इनकी गिरफ्तारी से एक सक्रिय अपराधी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।”
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और इनसे जुड़े पुराने मामलों की भी जांच शुरू कर दी गई है।





