HomeNationalदुनिया ने मानी भारत की ताकत: NYT के बाद वॉशिंगटन पोस्ट ने...

दुनिया ने मानी भारत की ताकत: NYT के बाद वॉशिंगटन पोस्ट ने भी स्वीकारी जीत, लिखा – पाकिस्तान के 6 एयरबेस तबाह

Date:

नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर की गूंज अब सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सुनाई दे रही है। पाकिस्तान की झूठी दलीलों और दुष्प्रचार को अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। पहले न्यूयॉर्क टाइम्स और अब वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्टों में इस बात की पुष्टि की है कि भारत ने पाकिस्तान के अंदर गहराई तक घुसकर सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई की, जिससे पाकिस्तानी सैन्य ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

NYT की रिपोर्ट: भारत को ‘स्पष्ट बढ़त’, एयरबेसों को गंभीर नुकसान

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया सैन्य संघर्ष में भारत ने ‘स्पष्ट बढ़त’ हासिल की। उपग्रहों से प्राप्त हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय वायुसेना के हमलों से पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और एयरबेसों को “स्पष्ट नुकसान” हुआ है। ये हमले बेहद सटीक और योजनाबद्ध तरीके से किए गए थे, जो हाई-टेक युद्ध के एक नए युग की झलक भी देते हैं।

वॉशिंगटन पोस्ट का खुलासा: 6 एयरबेसों पर हमला, हैंगर-रनवे ध्वस्त

वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी जांच में बताया कि 7 से 10 मई के बीच हुए भारतीय हमलों में पाकिस्तान के छह प्रमुख एयरबेसों को निशाना बनाया गया। सैटेलाइट तस्वीरों और वीडियो फुटेज के आधार पर खुलासा हुआ कि इन हमलों में:

  • तीन विमान हैंगर,

  • दो रनवे,

  • और दो मोबाइल नियंत्रण केंद्र पूरी तरह ध्वस्त हुए।

विशेषज्ञों ने इसे 1971 के बाद पाकिस्तान के सैन्य ढांचे पर सबसे बड़ा और असरदार हमला बताया।

पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा फेल, खुद स्वीकारा नुकसान

हालांकि शुरुआत में पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन भारतीय सबूतों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के बाद पाक सेना ने खुद कबूल किया कि उसके कई सैन्य ठिकानों को नुकसान हुआ है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने माना कि छह वायुसेना कर्मियों की मौत हुई और कई ठिकानों को भारतीय मिसाइलों ने भेदा।

किन-किन ठिकानों पर हुआ हमला?

1. नूर खान एयरबेस, रावलपिंडी

यह पाकिस्तान का सबसे संवेदनशील एयरबेस है। दो मोबाइल कंट्रोल सेंटर नष्ट हुए। यह बेस परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन के बेहद करीब है।

2. भोलारी एयरबेस

यहां एक हैंगर की छत में 60 फीट चौड़ा छेद हुआ, दीवारें गिरीं और मलबा चारों ओर बिखर गया।

3. शाहबाज एयरबेस

यहां एक हैंगर को 100 फीट से ज्यादा चौड़ा नुकसान हुआ। कंट्रोल टावर भी क्षतिग्रस्त।

4. सुक्कुर एयरपोर्ट

यहां एक हैंगर ढह गया और एक रडार साइट नष्ट हो गई।

5. मुशफ एयरबेस और शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट

यहां रनवे में बड़े गड्ढे हो गए। प्लैनेट और मैक्सार जैसी सैटेलाइट कंपनियों की इमेजरी से इसकी पुष्टि हुई।

विशेषज्ञों की राय

  • वाल्टर लैडविग (किंग्स कॉलेज लंदन): यह अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला था।

  • विलियम गुडहिंड (कॉन्टेस्टेड ग्राउंड): ये हमले पाकिस्तान की हवाई क्षमता को कमजोर करने के लिए किए गए।

  • क्रिस्टोफर क्लेरी (यूनिवर्सिटी एट अल्बानी): यह विनाशकारी भले न हो, लेकिन बेहद नुकसानदायक है।

NYT की पुष्टि: हमले अत्यंत सटीक और योजनाबद्ध

न्यूयॉर्क टाइम्स की समीक्षा के मुताबिक, भारत ने कराची से 100 मील दूर तक सटीक हमले किए। उपग्रह तस्वीरों से यह साफ हुआ कि भोलारी एयरबेस पर विमान हैंगर को निशाना बनाया गया। नूर खान एयरबेस जैसे अति-संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाना भारत की सटीक रणनीति और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

Latest stories

किच्छा का शुक्ला दशक, बड़े प्रोजेक्ट्स और भविष्य की नई इबारत

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में किच्छा की पहचान लंबे...

उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक दीवान कनवाल का निधन, पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल ने जताया गहरा शोक

देहरादून: दीवान कनवाल, जो उत्तराखंड के प्रसिद्ध कुमाऊंनी लोकगायक...

उत्तराखंड: होली पर जबरदस्ती रंग लगाया तो सीधे होगी जेल, एसएसपी ने दिए निर्देश

नैनीताल: होली के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था...

उत्तराखंड: सांख्यिकी विभाग के अधिकारी को 5 हजार की रिश्वत लेते CBI ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार

देहरादून: देहरादून स्थित नेशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के वरिष्ठ...