हल्द्वानी: शव को सौंपने के एवज में पैसे मांगने के गंभीर आरोप में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने चंदन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. परवेज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला तीन जनवरी का बताया जा रहा है, जिसमें पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला का शव उसके पति को सौंपा।

अल्मोड़ा जिले के गोलना करड़िया, धारानौला निवासी नंदन बिरौड़िया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी सीमा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन जनवरी की शाम डॉक्टरों ने सीमा को रेफर कर दिया, जिसके बाद परिजन उन्हें भोटियापड़ाव स्थित चंदन अस्पताल लेकर पहुंचे।
शिकायत के अनुसार, अस्पताल में भर्ती के समय परिजनों से 50 हजार रुपये नकद जमा कराए गए, जबकि करीब सात हजार रुपये विभिन्न जांचों पर खर्च हुए। शाम करीब 6:30 बजे सीमा को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इसके कुछ समय बाद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को बताया कि सीमा के दिल ने काम करना बंद कर दिया है और उनकी मृत्यु हो चुकी है।
आरोप है कि इसके बाद अस्पताल संचालकों ने शव सौंपने से पहले 30 हजार रुपये अतिरिक्त मांगते हुए कहा कि पूरी रकम चुकाने के बाद ही शव दिया जाएगा। पीड़ित परिवार की सूचना पर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और हस्तक्षेप करते हुए महिला का शव उसके पति नंदन को दिलवाया।
कोतवाल विजय सिंह मेहता ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर चंदन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. परवेज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(3) के तहत जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि महिला के पति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।





