किच्छा मंडी में किसानों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व दर्जा राज्यमंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने किसानों के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक में गेहूं तोलने की धीमी गति, ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में आ रही बाधाओं और अन्य संबंधित मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।

डॉ. उपाध्याय ने कहा कि मंडी में गेहूं की तौल प्रक्रिया को तेज किया जाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि जिन ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही के कारण किसानों को परेशानी हो रही है, उन्हें तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए। बैठक में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि मौजूदा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
इस दौरान एसडीएम किच्छा गौरव पांडेय और डिप्टी आरएमओ लता मिश्रा ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है और प्रशासन इसके लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. उपाध्याय ने जानकारी दी कि उन्होंने मुख्य जिला कृषि अधिकारी वी.के.एस. यादव से बातचीत की, जिसमें यह मुद्दा सामने आया कि जहां पहले प्रति एकड़ तीन कट्टे यूरिया खाद की आवश्यकता होती थी, अब सरकार द्वारा केवल एक कट्टा ही दिया जा रहा है। उन्होंने इस निर्णय पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर काम करते हैं, जबकि किसान भीषण गर्मी, बारिश और शीत लहर में मेहनत कर देश को अन्न प्रदान करता है। इसके बावजूद किसानों को इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
डॉ. उपाध्याय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपने फैसलों में सुधार नहीं किया, तो किसानों के साथ मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा।
बैठक में रामनरेश गंगवार, गजेंद्र, तुलाराम, लईक अहमद, महेशा जोशी, दीवान सिंह नेगी, तुलसीराम, राम प्रसाद, डोरी लाल और जय नारायण सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।





