Monday, February 2, 2026
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस ने दिल्ली में की प्रेस वार्ता, लगाया जांच को भटकाने की कोशिश का आरोप

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दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस ने बुधवार (28 जनवरी) को दिल्ली में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हाई-प्रोफाइल अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच की सिफारिश के बाद भी सरकार जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के बजाय उसे पटरी से उतारने का प्रयास कर रही है।

गणेश गोदियाल ने दावा किया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि अंकिता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को लिखित रूप से अवगत कराया है कि उनकी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए और इस केस में शामिल कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक कर उसे भी कठोर सजा दी जाए। गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं यह ऐलान कर चुके थे कि सरकार अंकिता के माता-पिता की इच्छा के अनुरूप कार्रवाई करेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा CBI जांच की संस्तुति से पहले ही किसी अन्य व्यक्ति की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई गई, जिसके आधार पर CBI जांच कराने की बात कही जा रही है। इससे एक बार फिर संदेह पैदा होता है कि सरकार और मुख्यमंत्री धामी निष्पक्ष और पारदर्शी CBI जांच के बजाय जांच को भटकाने की रणनीति अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 15 से 17 दिन बीत जाने के बावजूद यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि राज्य सरकार ने औपचारिक रूप से CBI जांच की संस्तुति की है या नहीं। अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच से जुड़ा कोई भी नोटिफिकेशन अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

गणेश गोदियाल ने सरकार से मांग की कि CBI को भेजे गए प्रत्यावेदन को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार द्वारा भेजे गए पत्र में जांच के टर्म्स ऑफ रेफरेंस क्या हैं। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर मामले को एक हाइपोथेटिकल स्थिति में ले जाकर वास्तविक तथ्यों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।

मामले की पृष्ठभूमि:
वर्ष 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य—जो भाजपा के एक पूर्व नेता के बेटे हैं—और दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। कोटद्वार सत्र न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

हालांकि, हाल ही में यह मामला तब फिर चर्चा में आया जब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सानवार ने अंकिता हत्याकांड में एक कथित वीआईपी का नाम सामने लाने का दावा किया। नए आरोपों के बाद कांग्रेस समेत कई संगठनों ने मामले की CBI जांच की मांग तेज कर दी।

इसी क्रम में अंकिता भंडारी के माता-पिता ने 7 जनवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग वाला पत्र सौंपा था। पत्र में कहा गया कि अंकिता की हत्या एक वीआईपी के कारण हुई, जिसकी पहचान अब तक सामने नहीं आ सकी है।

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