उत्तराखंड में इस वर्ष धान खरीद की रफ्तार तेज़ बनी हुई है। प्रदेश सरकार ने इस सीजन में कुल 5.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें कुमाऊं क्षेत्र का लक्ष्य 4.25 लाख मीट्रिक टन और गढ़वाल क्षेत्र का लक्ष्य 0.50 लाख मीट्रिक टन तय किया गया है।

प्रदेश की 29 मंडी समितियों में धान खरीद प्रक्रिया जारी है। अब तक राज्य में 35.10 लाख क्विंटल (3.51 लाख मीट्रिक टन) धान खरीदा जा चुका है। सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृहक्षेत्र खटीमा में सबसे अधिक धान की खरीद हुई है। यहां अब तक 6.35 लाख क्विंटल धान खरीदा गया है।
सरकार का कहना है कि धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं। धान खरीद केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और अधिकारियों की निगरानी में खरीद प्रक्रिया संचालित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिले और धान खरीद प्रक्रिया सुचारु और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।
धान खरीद की प्रक्रिया प्रदेशभर में 1 अक्तूबर से शुरू हुई थी और सरकार इसे तय समय में पूरा करने को लेकर आश्वस्त है। किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में व्यापक व्यवस्थाएं और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
28 दिनों में प्रमुख शहरों में धान खरीद की स्थिति
| शहर | धान खरीद (क्विंटल) |
|---|---|
| हल्द्वानी | 1.40 लाख |
| रामनगर | 31.15 हजार |
| रुद्रपुर | 3.80 लाख |
| काशीपुर | 4.51 लाख |
| जसपुर | 2.69 लाख |
| सितारगंज | 2.81 लाख |
| खटीमा | 6.35 लाख |
| किच्छा | 2.07 लाख |
| गदरपुर | 2.34 लाख |
| बाजपुर | 3.32 लाख |
| टनकपुर | 28.86 हजार |
| नानकमत्ता | 3.60 लाख |
| देहरादून | 874 |
| विकासनगर | 11.16 हजार |
| ऋषिकेश | 4774 |
| मंगलौर | 18.33 हजार |
| लक्सर | 46.11 हजार |
| हरिद्वार | 28.09 हजार |
| रुढ़की | 15.97 हजार |
| चमोली | 31.34 हजार |
| भगवानपुर | 1.56 लाख |
सरकार को उम्मीद है कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जल्द ही धान खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।





