बिहार की राजनीति में सनातनी आंदोलन की नई एंट्री हो चुकी है। यह घोषणा किसी सामान्य नेता ने नहीं, बल्कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने आरा में आयोजित प्रेसवार्ता में की। उन्होंने बताया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में सनातनी राजनीति की शुरुआत होगी और हर सीट पर निर्दलीय गौ भक्त प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे।

सनातन धर्म और गौ माता की सुरक्षा
शंकराचार्य जी ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब हम गौ माता का संरक्षण करेंगे। उन्होंने गौ भक्त उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने और सनातनी हिंदुओं से अपील करने की घोषणा की कि वे केवल उन उम्मीदवारों को ही समर्थन दें जो गौ माता की रक्षा और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग
उन्होंने बताया कि गौ रक्षा सिर्फ आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और समाज की नींव है। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय पार्टियों से भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने की मांग कर चुके हैं, लेकिन किसी ने स्पष्ट समर्थन नहीं दिया। इस कारण उन्होंने बिहार में अपने उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया।
शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों से उनके निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी औपचारिक सूची जारी कर दी जाएगी। उनका यह कदम बिहार में नई राजनीतिक दिशा और गौ रक्षा के मुद्दे को लेकर सनातनी राजनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।





