राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत उत्तराखंड में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स ने सर्वसम्मति से नई राज्य पाठ्यचर्या को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदेश के विद्यालयों के समय में 30 मिनट की बढ़ोतरी की गई है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अधिक समय मिलेगा।

अब तक सर्दियों में विद्यालय समय 5 घंटे 20 मिनट और गर्मियों में 4 घंटे 50 मिनट था, लेकिन नए नियम के अनुसार इसमें आधा घंटा और जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, शैक्षणिक सत्र के दिनों की संख्या 220 से बढ़ाकर 240 दिन कर दी गई है। साथ ही, परीक्षा और मूल्यांकन के लिए 20 दिन तय किए गए हैं, जबकि पहले इसके लिए कोई निश्चित समय नहीं था। पहली बार 10-10 बस्ता रहित दिवस भी निर्धारित किए गए हैं, जिससे छात्रों को रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
यह नई समयसारिणी कक्षा 3 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार होगा।
पाठ्यचर्या के पाँच प्रमुख भाग:
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विद्यालयी शिक्षा के उद्देश्य, मूल्य, दक्षता और ज्ञान पर जोर।
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क्रॉस विषय, मूल्य आधारित शिक्षा, पर्यावरणीय संवेदनशीलता, समावेशन और शैक्षणिक प्रौद्योगिकी।
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विषयवार मानक, विषयवस्तु, शिक्षा शास्त्र और मूल्यांकन दिशा-निर्देश।
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विद्यालयी संस्कृति, अनुकूल वातावरण और सामाजिक मूल्यों पर फोकस।
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शिक्षा तंत्र की क्षमताएं, सेवा शर्तें, भौतिक ढांचा और समुदाय-परिवार की भूमिका।
राज्य में विद्यालयों की वर्तमान संख्या:
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प्राथमिक विद्यालय – 13,756
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उच्च प्राथमिक विद्यालय – 5,483
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माध्यमिक स्तर के विद्यालय – 3,930





