रुद्रपुर। जीबी पंत विवि के छात्रावास में फंदे से लटके मिले बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र नीरज के पोस्टमार्टम में देरी पर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। शनिवार को मोर्चरी पहुंचे किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ और पीएमएस से दूरभाष पर बात की। निर्देशों के बाद ही डॉक्टर के लिए सहायक की व्यवस्था हो सकी और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई।

दरऊ किच्छा निवासी नीरज का शव शुक्रवार को विवि परिसर स्थित जनरल बिपिन रावत भवन के कमरे में फंदे से लटका मिला था। कमरे से मिले सुसाइड नोट में अंग्रेजी में कमजोर होने को खुदकुशी का कारण बताया गया था। शनिवार को पोस्टमार्टम होना था, लेकिन डॉक्टर का सहायक न आने से प्रक्रिया अटक गई। बताया गया कि सहायक पहले हुए विवाद में घायल था और अस्पताल में भर्ती था, विभाग के पास दूसरा विकल्प नहीं था। देरी से गुस्साए परिजन व सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा सहित कई लोग मोर्चरी पहुंच गए।
बेहड़ ने बताया कि अधिकारियों को फोन करने के करीब एक घंटे बाद सहायक मोर्चरी पहुंचा और दोपहर तक पोस्टमार्टम की कार्रवाई हो सकी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले ही बेटे की मौत से परिजन दुखी थे, ऊपर से लापरवाही ने उनका दर्द बढ़ा दिया।
इस बीच, विधायक बेहड़ ने डीएम को पत्र लिखकर छात्र की मौत की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिजन सुसाइड नोट में बताए कारण से संतुष्ट नहीं हैं। नीरज का प्रवेश मेरिट के आधार पर हुआ था, जो उसकी काबिलियत को दर्शाता है। बेहड़ ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।





