काशीपुर। नगर निगम क्षेत्र में अब ई-रिक्शा चलाने के लिए आरटीओ के साथ-साथ नगर निगम से भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। चालकों को वार्षिक 1000 रुपये लाइसेंस शुल्क और प्रति दिन 25 रुपये का शुल्क देना होगा। नियमों के मुताबिक, ई-रिक्शा चालक और सवारी दोनों ही किसी भी प्रकार के एल्कोहल या निषेध द्रव्य का सेवन नहीं कर सकेंगे।

सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह नियम उत्तराखंड गजट में दर्ज है और बिना नगर निगम लाइसेंस के ई-रिक्शा नहीं चलाया जा सकता। नियमों के अनुसार, यदि चालक या सवारी नशे में पाए गए, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के सख्त प्रावधान:
लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक:
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चालक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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चालक को कोई संक्रामक बीमारी नहीं होनी चाहिए।
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ई-रिक्शा सुदृढ़ और चालू अवस्था में होना चाहिए।
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केवल यातायात विभाग द्वारा चिह्नित मार्गों पर ही ई-रिक्शा चलाना होगा।
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उल्लंघन करने पर रिक्शा जब्त करने की कार्रवाई हो सकती है।
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अनधिकृत संचालन पर 25 रुपये दैनिक शुल्क के अलावा 25 रुपये अर्थदंड वसूला जाएगा।
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सभी चालकों के पास वैध पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
पांच हजार रुपये तक का जुर्माना संभव:
उपविधि के अनुसार, नियमों का उल्लंघन होने पर लाइसेंस निलंबन या रद्द किया जा सकता है। इसके खिलाफ 15 दिनों के भीतर नगर आयुक्त के समक्ष अपील की जा सकती है। उपविधि का उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपये तक का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया जा सकता है।





