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बुधवार
10 जून 2025 National Edition |
उधम सिंह नगर जिले में 2025 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है। इस बार रेनू गंगवार, जो पिछले 23 वर्षों से गंगवार परिवार के साथ इस पद पर प्रभाव बनाए हुए हैं, फिर से मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने अजय मौर्या को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। हालांकि, रेनू गंगवार की स्थानीय पकड़, अनुभव और राजनीतिक प्रभाव उन्हें इस चुनाव में एक मजबूत प्रत्याशी बनाते हैं। रेनू गंगवार की मजबूत स्थिति रेनू गंगवार का नाम उधम सिंह नगर की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम है। 2019 के पंचायत चुनाव में उन्होंने बरा क्षेत्र से 9585 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की थी, जो उनकी लोकप्रियता और स्थानीय समर्थन का प्रतीक है। गंगवार परिवार का सितारगंज क्षेत्र में मजबूत आधार है, और पिछले दो दशकों से वे जिला पंचायत की राजनीति में प्रभावशाली रहे हैं। 2025...
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ंग्रेसी सदस्यों के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा है, लेकिन रेनू की स्थानीय पकड़ कुछ सदस्यों को उनके पक्ष में ला सकती है। जमीनी स्तर पर लोकप्रियता: रेनू गंगवार की 9585 वोटों की जीत (2019) उनकी जमीनी स्तर की लोकप्रियता को दर्शाती है। यह अंतर जिले में सबसे बड़ा था, जो उनकी व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है। उनकी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों ने उन्हें स्थानीय मतदाताओं और प्रभावशाली समुदायों के बीच एक मजबूत छवि दी है। अजय मौर्या और भाजपा की चुनौती अजय मौर्या, जिन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समर्थन प्राप्त है, भाजपा के 12 निर्वाचित सदस्यों के वोटों पर भरोसा कर सकते हैं। उनकी उम्मीदवारी को संगठनात्मक ताकत और कुछ निर्दलीय/कांग्रेस सदस्यों के संभावित समर्थन से बल मिल सकता है। हालांकि, मौर्या का स्थानीय स्तर पर गंगवार परिवार जितना प्रभाव नहीं