विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
गया है. शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा लिवर है. लिवर फंक्शन खराब होने से कई बीमारियां हो सकती हैं. लिवर का वजन पुरुषों और महिलाओं में थोड़ा अलग होता है. पुरुषों में इसका वजन 1.8 किलोग्राम तक और महिलाओं में 1.5 किलोग्राम तक हो सकता है. लिवर का वजन व्यक्ति के आकार, उम्र और स्वास्थ्य के आधार पर भी थोड़ा भिन्न हो सकता है. लिवर का वजन शरीर के वजन के सापेक्ष स्थिर नहीं होता है, बल्कि व्यक्ति के शरीर के वजन के अनुपात में भी बदलता रहता है. युवाओं में ज्यादा खतरा : प्रो. सुमित रुंगटा के मुताबिक युवा ज्यादातर जंक फूड का सेवन करते हैं जो सेहत के लिए किसी भी तरह से उचित नहीं है. इसके अलावा इन खानपान का दुष्प्रभाव शरीर के
विभिन्न ऑर्गन्स पर पड़ता है. एक समय के बाद छोटी-छोटी दिक्कतें बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है. ऐसे में जरूरी है कि युवाओं को अधिक जागरूक होने की जरूरत है. इसके अलावा माता-पिता अपने नौनिहालों को खान-पान में सेहतमंद वाली चीज दें. जंक फूड से बचपन से ही दूर रखें. लिवर की बीमारी को समझिए : एसजीपीजीआई के गैस्ट्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. गौरव पाण्डेय ने बताया कि फैटी लिवर रोग तब होता है, जब लिवर कोशिकाओं में अलावा वसा जमा हो जाती है. इसे मोटे तौर पर दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है. मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टेटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) और अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (AFLD). मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टेटोटिक लिवर डिजीज अधिक आम है और अक्सर मोटापे, मधुमेह और मेटाबोलिक सिंड्रोम से जुड़ा