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"महिलाओं को एक हत्या की छूट दी जाए" – इस पार्टी की महिला प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मांग।

मुख्य समाचार: ख़बर पड़ताल ब्यूरो:- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नेत्री रोहिणी खडसे की विवादास्पद मांग, राष्ट्रपति को लिखा पत्र महाराष्ट्र: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एनसीपी (एसपी) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने एक विवादित मांग उठाई है।
उन्होंने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर महिलाओं को एक हत्या की छूट देने की मांग की है।
किच्छा (एजेंसी)। ख़बर पड़ताल ब्यूरो:- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नेत्री रोहिणी खडसे की विवादास्पद मांग, राष्ट्रपति को लिखा पत्र महाराष्ट्र: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एनसीपी (एसपी) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने एक विवादित मांग उठाई है। उन्होंने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर महिलाओं को एक हत्या की छूट देने की मांग की है। राष्ट्रपति को लिखे पत्र में क्या कहा? रोहिणी खडसे ने अपने पत्र में लिखा: ➡️ "महिलाओं के खिलाफ अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। भारत को एशिया का सबसे
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विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
असुरक्षित देश बताया गया है।" ➡️ "महिलाओं को बलात्कारी प्रवृत्ति, दमनकारी मानसिकता और लचर कानून व्यवस्था को खत्म करने का अधिकार मिलना चाहिए।" ➡️ "महिला दिवस के अवसर पर हमें यह उपहार दें और इस मांग को स्वीकार करें।" उन्होंने मुंबई में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का भी जिक्र किया और कहा कि जब देश की आर्थिक राजधानी में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो पूरे देश
की स्थिति क्या होगी? सह्याद्रि गेस्ट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन ➡️ महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने और शक्ति अधिनियम लागू करने की मांग को लेकर रोहिणी खडसे के नेतृत्व में एनसीपी-एसपी कार्यकर्ताओं ने मुंबई में सह्याद्री गेस्ट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। ➡️ इसी दौरान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बैठक गेस्ट हाउस में चल रही थी। ➡️ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी
की, लेकिन पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मालाबार हिल पुलिस स्टेशन भेज दिया। विवाद और प्रतिक्रिया रोहिणी खडसे की इस मांग पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उनकी इस मांग को चरमपंथी और कानून विरोधी बताया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इसे महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में उठाया गया प्रतीकात्मक कदम बताया है, अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और उनकी यह मांग कितनी दूर तक जाती है।

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • हालांकि, उन्होंने इसे महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में उठाया गया प्रतीकात्मक कदम बताया है, अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और उनकी यह मांग कितनी दूर तक जाती है।
  • उनकी इस मांग को चरमपंथी और कानून विरोधी बताया जा रहा है।
  • विवाद और प्रतिक्रिया रोहिणी खडसे की इस मांग पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।