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में दोबारा नियंत्रण हासिल कर सकते हैं। इस बीच ट्रंप ने भी स्वीकार किया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध का असर रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा है। बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस आकलन से सहमति जताई, जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध को चुनावी हार की एक बड़ी वजह बताया था। ट्रंप ने कहा कि इस संघर्ष के कारण कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसका असर मतदाताओं के समर्थन पर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई को जरूरी बताते हुए उसका बचाव भी किया। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि यह आकलन काफी हद तक सही है, क्योंकि इससे थोड़े समय के लिए गैसोलीन की कीमतें बढ़ीं। लेकिन
अगर मुझे दोबारा ऐसा करना पड़े, तो मैं फिर यही करूंगा। लंबे समय में यही एकमात्र रास्ता है। ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।" 'अगर मैं बैलेट पर होता तो हम जीत जाते': ट्रंप चुनावी हार के बाद ट्रंप ने अपनी लोकप्रियता और रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रदर्शन को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता पार्टी के अन्य उम्मीदवारों के पक्ष में वोटों में तब्दील नहीं हो सकी। ट्रंप के मुताबिक, उनकी चुनावी रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ और समर्थकों का उत्साह दूसरे उम्मीदवारों तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा, "अगर मैं बैलेट पर होता, तो हम जीत जाते। आपने देखा कि मेरी रैलियों में हजारों-हजारों लोग मौजूद थे। वहां जबरदस्त उत्साह था, लेकिन आप उस प्यार और समर्थन को दूसरों तक नहीं पहुंचा सकते।" ट्रंप ने