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शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। फिलहाल, अन्य स्कूलों से एक-एक शिक्षक को अस्थायी तौर पर भेजा जा रहा है, जिससे न केवल इस स्कूल की पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि अन्य स्कूलों पर भी असर पड़ रहा है। बच्चों ने खुद उठाई आवाज़ छात्रों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए: “हमें मास्टर चाहिए! हम पढ़ना चाहते हैं!” बच्चों का कहना है कि पढ़ाई में पीछे छूटने का डर उन्हें सता रहा है, और हर रोज़ अलग-अलग शिक्षक आने से पढ़ाई की निरंतरता टूट रही है। अभिभावकों और ग्रामीणों का फूटा
गुस्सा अभिभावक संघ के अध्यक्ष महेश चंद्र ने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर स्थायी शिक्षक की नियुक्ति नहीं होती, तो वे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे, पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा: “शिक्षा का अधिकार (RTE) हर बच्चे का हक़ है, और सरकार की लापरवाही बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल रही है।” शिक्षा विभाग का पक्ष खंड शिक्षा अधिकारी हवलदार प्रसाद ने बताया कि मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, और आदेश मिलते