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हुआ विवाद कार्यक्रम में जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने अपने संबोधन के दौरान नगर निकाय चुनाव और पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों का जिक्र किया। उनके बयान को विधायक मयूख महर पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा गया। इसके बाद विधायक ने नाराजगी जताई और मंच छोड़कर बाहर चले गए। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी सभागार से बाहर निकल गए। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर "मयूख महर मुर्दाबाद" के नारे लगाए गए, जिससे सम्मेलन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। मयूख महर बोले- बैठक को खराब करने की साजिश कार्यक्रम से बाहर आने के बाद विधायक मयूख महर ने कहा कि सम्मेलन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह था, लेकिन कुछ लोग पार्टी की प्रगति से परेशान हैं और बैठक को जानबूझकर विवादित बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जिस वक्ता को संगठन की भावी रणनीति, महिलाओं, युवाओं और दलितों को जोड़ने जैसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए थी, उन्होंने मंच का इस्तेमाल
व्यक्तिगत और राजनीतिक टिप्पणियों के लिए किया। ऐसे माहौल में कार्यक्रम में बने रहने का कोई औचित्य नहीं था, इसलिए उन्होंने विरोधस्वरूप बैठक का बहिष्कार किया। गोदियाल ने कहा- कोई बड़ी बात नहीं, सभी रखें संयम विवाद के बाद जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल किया गया तो उन्होंने मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बड़ी सभाओं में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं और सभी कार्यकर्ताओं को संयम बनाए रखना चाहिए। गोदियाल ने कहा कि वह स्वयं विधायक मयूख महर से मुलाकात कर पूरे मामले पर बातचीत करेंगे और संगठन में किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करने का प्रयास करेंगे। बाद में मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सम्मेलन का माहौल कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण प्रभावित हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर पार्टी हित में काम करने की अपील की। पुराने विवाद