विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
गई है। इसी क्रम में बीते दिनों वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम जब अतिक्रमण की पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची, तो उसे स्थानीय लोगों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि प्रदर्शन के दौरान पथराव की स्थिति बन गई, जिसमें टीम में शामिल कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें भी आईं। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की जाएगी। जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं, उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होगा, लेकिन अवैध रूप से कब्जा की गई वन
भूमि को मुक्त कराना सरकार की जिम्मेदारी है। फिलहाल प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने दबाव बनाने के लिए रेल और सड़क यातायात को भी बाधित किया, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और इलाके में तनाव का माहौल बन गया। विवाद उस लीज भूमि को लेकर है, जिस पर बीते वर्षों में कई कॉलोनियां बस चुकी हैं। इन