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सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो से जो माहौल प्रदेश में बनाया गया है, उसका सबसे अधिक असर अंकिता के परिवार पर पड़ा है। वायरल ऑडियो की सत्यता जांचने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और सबूत मिलने पर कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस दिशा में पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम किया। सरकार की प्रभावी पैरवी और एसआईटी की सशक्त जांच के कारण ही तीन
दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आईपीएस रेणुका देवी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की। जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए और न्यायालय में सरकार ने सशक्त पैरवी की। निचली अदालत, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी एसआईटी की जांच की निष्पक्षता और मजबूती को मान्यता दी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जा सकती है। मंत्री सुबोध उनियाल और सांसद नरेश बंसल ने भी इस