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की गई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण मात्र एक राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान, संघर्ष और तप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी घटनाएं हमारे इतिहास के अमर अध्याय हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती आई है और आगे भी देती रहेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए संचालित पेंशन और सुविधाएं सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री धामी की प्रमुख घोषणाएं:
शहीद आंदोलनकारियों के नाम पर नामकरण: शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की प्रमुख अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जाएगा। पेंशन में वृद्धि (जेल या घायल श्रेणी): आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए या घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति माह की जाएगी। अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन: अन्य श्रेणी के आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति माह की जाएगी। विकलांग आंदोलनकारियों के लिए विशेष प्रावधान: राज्य आंदोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000