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50 से 350 मीटर दूरी पर ₹55,000 प्रति वर्ग मीटर तय हुआ है। आरटीओ से आगे जाखन और मसूरी बाईपास रोड तक का क्षेत्र दूसरा सबसे महंगा जोन बन गया है, जहां भूमि का रेट ₹60,000 प्रति वर्ग मीटर (50 मीटर के भीतर) और ₹50,000 प्रति वर्ग मीटर (50-350 मीटर तक) तय किया गया है। वाणिज्यिक भवनों की दर यहां ₹1.50 लाख प्रति वर्ग मीटर है। घंटाघर से कनाट प्लेस, चकराता रोड, बल्लूपुर चौक, प्रिंस चौक, ईसी रोड, सुभाष रोड और न्यू कैंट रोड जैसे प्रमुख क्षेत्र तीसरे पायदान पर हैं। इन इलाकों में जमीन का रेट ₹55,000 (मुख्य मार्ग से 50 मीटर तक) और ₹48,000 प्रति वर्ग मीटर (50-350 मीटर तक) तय किया गया है। मकान खरीदना भी हुआ महंगा नई व्यवस्था में केवल जमीन ही नहीं, बल्कि बने हुए मकानों पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। अब जमीन के सर्किल
रेट के साथ निर्माण लागत भी जोड़ी जाएगी। उदाहरण के लिए, राजपुर रोड पर मकान खरीदने पर खरीदार को निर्माण की लागत ₹12,000 प्रति वर्ग मीटर (पक्का लेंटर) या ₹10,000 प्रति वर्ग मीटर (टिन शेड) के हिसाब से चुकानी होगी। कुमाऊं में भी बढ़ी दरें — नैनीताल की मॉल रोड शिखर पर कुमाऊं में नैनीताल की मॉल रोड सबसे महंगी जगह बन गई है। यहां दरों में 50% तक की बढ़ोतरी की गई है। बोट स्टैंड से एसबीआई तक भूमि दरें ₹1 लाख से बढ़कर ₹1.50 लाख प्रति वर्ग मीटर हो गईं। इसी क्षेत्र में फ्लैट की दर ₹1.12 लाख से बढ़कर ₹1.64 लाख प्रति वर्ग मीटर पहुंच गई। इंदिरा मार्केट और जयलाल साह बाजार में भूखंड ₹80,000 से ₹1.20 लाख, जबकि फ्लैट ₹92,000 से ₹1.34 लाख प्रति वर्ग मीटर के हो गए हैं। तल्लीताल डांठ से धर्मशाला तक भूमि दरें ₹70,000 से