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देते हुए कहा गया है कि अतिथि शिक्षकों को केवल विद्यालय संचालन अवधि का ही मानदेय देय होगा। स्पष्ट किया गया है कि ग्रीष्म और शीतकालीन अवकाश के दौरान किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जिलों को दे दिए गए हैं। मुख्यालय को भेजे गए स्पष्टीकरण पत्र कुमाऊं मंडल के अपर निदेशक तथा विभिन्न जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने अवकाश अवधि के मानदेय को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजे थे। निदेशालय से आदेश जारी होने के बाद अब यह स्थिति पूरी तरह
साफ हो गई है कि छुट्टियों में मानदेय देय नहीं होगा। मानदेय बढ़ोतरी का प्रस्ताव लंबित अतिथि शिक्षकों का वर्तमान मानदेय 25 हजार रुपये प्रतिमाह है। इसे बढ़ाकर 40 हजार रुपये करने का प्रस्ताव लंबे समय से शासन स्तर पर विचाराधीन है, लेकिन अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। बढ़ोतरी में देरी और अवकाश अवधि के भुगतान पर रोक से शिक्षकों में असंतोष बढ़ने की संभावना है। बिना छात्रों वाले विषयों में तैनाती विभागीय समीक्षा में यह भी पाया गया कि कुछ प्रवक्ता ऐसे विद्यालयों में तैनात हैं, जहां संबंधित विषय के छात्र