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नजदीकी कुनहाट गांव की सुनीता चौहान से एक साथ विवाह रचाया। प्रदीप नेगी ने बताया, "यह पूरी तरह हमारा साझा और समझदारी भरा निर्णय था। यह रिश्ता विश्वास, देखभाल और साझा जिम्मेदारी पर आधारित है। हमें अपनी परंपरा पर गर्व है और हमने इसे खुले दिल से अपनाया है।" वहीं, कपिल ने भी कहा, "मैं विदेश में रहूं या यहां, हम मिलकर अपनी पत्नी को स्थिरता, प्यार और साथ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" ✦ दुल्हन सुनीता ने क्या कहा? दुल्हन सुनीता ने इस विवाह पर अपनी स्वीकृति जताते हुए कहा, "यह मेरा स्वयं का निर्णय था, मुझ पर कोई दबाव नहीं था। मैं इस परंपरा को जानती हूं और अपनी इच्छा से
इसे अपनाया है।" ✦ तीन दिन चला भव्य समारोह यह विवाह समारोह तीन दिनों तक चला जिसमें सैकड़ों गांववाले और रिश्तेदार शामिल हुए। पारंपरिक ट्रांस-गिरी व्यंजन परोसे गए और पहाड़ी लोकगीतों पर ग्रामीणों ने जमकर नृत्य किया। शादी को एक उत्सव का रूप दिया गया, जो इस आयोजन को और खास बनाता है। ✦ परंपरा जो व्यावहारिकता से जुड़ी है हाटी समुदाय की यह बहुपति परंपरा कोई नया चलन नहीं है। इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण भी हैं—जैसे पुश्तैनी ज़मीन का बंटवारा रोकना, विधवाओं की संख्या कम करना और परिवार में एकता बनाए रखना। पहले जब पुरुषों को काम के लिए दूर जाना पड़ता था, तब इस परंपरा ने महिलाओं को सामाजिक