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मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई मुलाकातों को लेकर भी स्थिति साफ की। उमेश कुमार ने कहा कि इन मुलाकातों को कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक नेताओं से मिलना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका अर्थ किसी दूसरी पार्टी में शामिल होना नहीं है। हरीश रावत के साथ पुरानी राजनीतिक तल्खी का किया जिक्र उमेश कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के साथ लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक तल्खी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से चली आ रही टीस अब तक खत्म नहीं हुई है। उनके बयान से
संकेत मिलता है कि कांग्रेस से उनकी राजनीतिक दूरी के पीछे पुराना विवाद भी एक वजह है। उमेश कुमार ने कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और जिनकी सरकार को संकट में डालने का काम किया, उनके समर्थन में नारे लगाना उनके लिए संभव नहीं है। इस बयान के जरिए उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। अब खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी लोकसभा चुनाव के दौरान अपने बेटे को चुनाव मैदान में उतारने और अब खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी को लेकर भी उमेश कुमार ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अब वह स्वयं चुनाव लड़ना चाहते