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मीना मजूमदार, सभासद विक्रम भंडारी और गोविंद पोखरिया सहित कई नेताओं ने चौहान के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि देश के बंटवारे के बाद उत्तराखंड में बसे बंगाली समुदाय यहां के मूल निवासी हैं। अनुसूचित जाति का दर्जा उन्हें अधिकार के रूप में मिला है, यह कोई कृपा नहीं है। नेताओं ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने स्वयं बंगाली समाज को आरक्षण देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था। चौहान के बयान से खटीमा से लेकर गदरपुर तक का बंगाली समाज आक्रोशित है। उन्होंने किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और गदरपुर के पूर्व विधायक
पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन नेताओं ने भी इस समाज के मुद्दों को कभी मजबूती से नहीं उठाया। वक्ताओं ने कहा कि बंगाली समुदाय के हित में पट्टाधारकों को भूमिधरी अधिकार, सिरसा मार्ग और सूखी नदी पर पुल निर्माण, तथा गुरुचांद ठाकुर छात्रवृत्ति योजना जैसी कई पहलें कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के कार्यकाल में हुई हैं। इस मौके पर संजय बाछड़, समीर डे, दिलीप मिस्त्री, प्रभाकर राय, रबीन खान, तारक मंडल, सुबीर सरकार, प्रशांत मंडल और अन्य मौजूद रहे। दिनेशपुर में उग्र प्रदर्शन, विधायक चौहान और मंत्री बहुगुणा का पुतला दहनदिनेशपुर में बंगाली समाज