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जा रहे हैं और यह दर 50 प्रतिशत होगी।" इसके कुछ देर बाद अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने CNBC को बताया कि यह नया टैरिफ जुलाई के अंत या 1 अगस्त से लागू किया जा सकता है। ट्रंप ने साथ ही कहा कि फार्मास्यूटिकल सेक्टर के लिए अमेरिका जल्द एक बड़ा फैसला लेने वाला है। हालांकि कंपनियों को अमेरिका में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए 1 से 1.5 साल का समय दिया जाएगा। इसके बाद इन पर 200 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया जाएगा। कई क्षेत्रों पर जांच जारी ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में तांबा, दवाएं, लकड़ी, सेमीकंडक्टर्स और खनिजों के आयात की जांच शुरू की है। इससे संकेत मिलते हैं कि आगे और कई
सेक्टर पर शुल्क लगाए जा सकते हैं।लटनिक ने कहा कि फार्मा और सेमीकंडक्टर पर रिपोर्ट इस महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद ट्रंप इस पर नीति घोषित करेंगे। BRICS को भी टारगेट किया ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर भी 10% टैरिफ लगाने की धमकी दोहराई। उन्होंने BRICS को "गंभीर समूह नहीं" बताया, लेकिन माना कि यह अमेरिकी डॉलर को चुनौती दे रहा है। "अगर वे डॉलर को चुनौती देना चाहते हैं, तो उन्हें शुल्क चुकाना होगा। मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा चाहेंगे," ट्रंप ने कहा। भारत पर सीधा असर कैसे पड़ेगा? 1. तांबा निर्यात:वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने करीब 2 अरब डॉलर का तांबा और तांबे से जुड़े उत्पाद निर्यात किए,