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उठ रहे हैं। 2024 में कंपाउंडिंग के लिए किया गया था आवेदन बरेली विकास प्राधिकरण के अनुसार, इज्जतनगर क्षेत्र के लालपुर गांव में स्थित फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। वर्ष 2024 में पप्पू गिरधारी के करीबी सत्येंद्र राठौर की ओर से निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया था। हालांकि, निर्धारित शुल्क जमा नहीं होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। बीडीए सचिव हिमांशु गुप्ता के मुताबिक, जनवरी 2026 में कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद सितंबर 2026 में भी नोटिस दिया गया। संबंधित पक्ष की ओर से कमियां दूर करने के लिए तीन महीने का समय मांगा गया, लेकिन प्राधिकरण के अनुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। फिलहाल मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। अलग-अलग गाटा संख्या में दर्ज है जमीन फार्म हाउस परिसर की जमीन अलग-अलग गाटा संख्या में विभिन्न लोगों के नाम पर दर्ज बताई गई है। बीडीए से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नाम पर 3,300 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा दर्ज है। वहीं, परिसर की कुछ अन्य जमीन कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर बताई गई है। इस कंपनी में
हिस्सेदारी से संबंधित जानकारी का उल्लेख रेखा आर्या के चुनावी हलफनामों में होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व और संबंधित कंपनी के दस्तावेजों की स्थिति को लेकर प्राधिकरण की जांच जारी है। बीडीए अधिकारियों ने क्या कहा? बरेली विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि लालपुर स्थित फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। परिसर में शामिल जमीन अलग-अलग गाटा संख्या में विभिन्न लोगों के नाम पर दर्ज है। इनमें रेखा आर्या के नाम पर दर्ज 3,300 वर्ग मीटर भूमि और कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर दर्ज जमीन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण संबंधित अभिलेखों की जांच कर रहा है। वहीं, बीडीए सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया कि कंपाउंडिंग के लिए वर्ष 2024 में आवेदन किया गया था। बाद में प्राधिकरण की ओर से कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए गए। संबंधित पक्ष को समय दिए जाने के बावजूद आवश्यक कमियां दूर नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। क्या है रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद? उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू