TODAY NEWS 9

D I G I T A L   P A P E R
किच्छा, उधम सिंह नगर
हर खबर, आपके शहर की
www.todaynews9.com

भारत में हो रही टिकटॉक की वापसी, जानें पूरी रिपोर्ट

मुख्य समाचार: नई दिल्ली।
करीब 5 साल बाद एक बार फिर चीनी वीडियो ऐप टिकटॉक की भारत में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
किच्छा (एजेंसी)। नई दिल्ली। करीब 5 साल बाद एक बार फिर चीनी वीडियो ऐप टिकटॉक की भारत में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई यूज़र्स का दावा है कि टिकटॉक की वेबसाइट भारत में खुल रही है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। कांग्रेस का हमला टिकटॉक की वापसी की खबरों के बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X)
Related News Clip
संबंधित चित्र - टुडे न्यूज़ 9
News Visual
विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
पर सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने लिखा – भारत में चीन की कंपनी 'टिक टॉक' की वेबसाइट चलने लगी है. चीन से झड़प में हमारे 20 जांबाज सैनिक शहीद हुए. पहले तो नरेंद्र मोदी ने चीन को क्लीनचिट दी. लेकिन.. जब कांग्रेस ने दबाव बनाया तो हेड लाइन मैनेज करने को 'टिक टॉक' बैन किया. अब मोदी फिर चीन से लप्पो झप्पो कर रहे हैं, चीन… — Congress (@INCIndia) August 22, 2025 “भारत-चीन झड़प में हमारे 20 जवान शहीद हुए
थे। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को क्लीनचिट दी थी। कांग्रेस के दबाव में टिकटॉक को बैन किया गया, लेकिन अब पीएम मोदी चीन से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं। टिकटॉक से जुड़ी खबरें इसी का सबूत हैं। साफ है – मोदी का चीन प्रेम, देश प्रेम पर भारी पड़ रहा है। पाकिस्तान से सीजफायर की तरह चीन से भी शहादत का सौदा कर दिया गया है।” टिकटॉक पर कब लगी थी रोक? गौरतलब है कि जून 2020 में भारत
सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगाया था। यह फैसला गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों की भिड़ंत और 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद लिया गया था। उस समय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि ये ऐप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं। टिकटॉक की वापसी को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

📌 मुख्य बिंदु / समाचार सारांश

  • टिकटॉक की वापसी को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
  • उस समय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि ये ऐप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं।
  • यह फैसला गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों की भिड़ंत और 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद लिया गया था।