विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
उनका जीवन बेहद सादा लेकिन सुखद था। उन्होंने कहा, “हम सूरज के साथ उठते थे, नदियों में तैरते थे, प्रकृति में रहते थे। मैं लकड़ी या गैस सिलेंडर से खाना बनाती थी। पास के गांव से राशन लाती थी। हम पेंटिंग करते थे, गाने गाते थे, किताबें पढ़ते थे और बिल्कुल शांत जीवन जीते थे।” नीना का बिजनेस वीज़ा 2017 में ही खत्म हो चुका है, इसके बावजूद वह भारत में ही रहीं। वह 15 सालों से दुनिया के करीब 20 देशों में घूम चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनके चार बच्चे हैं, जिनमें से एक बेटे की नौ महीने पहले मौत हो गई थी। “बिना अस्पताल के दिए
बच्चों को जन्म” नीना ने चौंकाते हुए बताया कि उनके सभी बच्चे अलग-अलग देशों में पैदा हुए हैं, और उन्होंने बिना डॉक्टर या अस्पताल की मदद के उन्हें जन्म दिया। “मैं जानती हूं कि यह कैसे करना है। मैंने हर बार खुद ही बच्चों को जन्म दिया।” नीना कला और रूसी साहित्य में प्रशिक्षित शिक्षिका हैं और अपनी बेटियों को होम स्कूलिंग देती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चियां स्मार्ट, स्वस्थ और प्रतिभाशाली हैं। कैसे चलती थी जिंदगी? नीना ने बताया कि वह पेंटिंग, म्यूजिक वीडियो, टीचिंग और कभी-कभी बेबी सिटिंग करके पैसे कमाती थीं। जब काम नहीं मिलता, तब उनका भाई, पिता और बेटा आर्थिक मदद करते थे।