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बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहा है। पूर्व में उप शिक्षा अधिकारी की जांच में भी यह तथ्य सामने आया था। जांच के दौरान विद्यालय को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act) का उल्लंघन करते हुए पाया गया और तत्काल संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई थी कि आदेश का पालन न करने पर एक लाख रुपये का अर्थदंड और कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। आदेशों की अनदेखी पर सख्ती इसके बावजूद स्कूल का संचालन जारी रहा, जिसे विभागीय आदेशों की अवहेलना और आरटीई एक्ट की धारा
18 के तहत दंडनीय माना गया। शिकायत में विद्यालय को सीलबंद करने, एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाने, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। शिकायत के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी Kunwar Singh Rawat ने 6 फरवरी को उप शिक्षा अधिकारी मो. सावेद आलम को जांच के निर्देश दिए। जांच में विद्यालय संचालित पाया गया, जिसके बाद 16 फरवरी को रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई। छात्रों के भविष्य पर विशेष ध्यान मुख्य शिक्षा अधिकारी कुंवर