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पेट पर कई खतरनाक वार, मौके पर ही मौत कुत्ते ने महिला के चेहरे और पेट पर कई खतरनाक वार किए। उनके शरीर से खून की धार बह रही थी और उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। घरवालों ने फौरन एम्बुलेंस को बुलाने की कोशिश की, लेकिन मोहनी देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे मोहल्ले को सहमने पर मजबूर कर दिया। मोहनी देवी की कराहती आवाजें और खून से सना हुआ आंगन देखकर लोग कांप उठे। नगर निगम और पुलिस ने कुत्ते को काबू किया घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद राज किशोर यादव मौके पर पहुंचे और तुरंत रावतपुर थाना पुलिस और नगर निगम की टीम को बुलाया गया। कुत्ते को काबू करने के लिए नगर निगम की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वह अभी भी हिंसक बना हुआ था और किसी को पास नहीं आने दे रहा था। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद, टीम ने उसे बेहोश करने का इंजेक्शन दिया और काबू में लेकर अपने साथ ले गई। जिसे बच्चे की तरह रखा, उसी ने छीन ली जान मोहनी देवी अपने पालतू कुत्ते को बहुत प्यार करती थीं। वह उसके खाने-पीने, स्वास्थ्य और देखभाल का पूरा ध्यान रखती थीं। घर के लोग बताते हैं कि वह कुत्ते से
इस कदर जुड़ी थीं कि उसे अपने बच्चों की तरह पालती थीं। उनकी हर सुबह और शाम उसी के साथ गुजरती थी। यहां तक कि घर के अन्य सदस्य कभी-कभी कुत्ते से दूर रहते थे, लेकिन मोहनी देवी उसे पूरी तरह अपनापन और स्नेह देती थीं। लेकिन उसी कुत्ते ने उनकी दर्दनाक मौत का कारण बनकर सभी को झकझोर कर रख दिया। इलाके में डर का माहौल, पालतू कुत्तों की सुरक्षा पर सवाल इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल है। लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या पालतू कुत्ते वाकई सुरक्षित हैं? विशेष रूप से हिंसक नस्लों के कुत्तों को पालना कितना सही है? यह बहस अब पूरे इलाके में गर्म हो गई है। एक पड़ोसी ने कहा, "हमने हमेशा सुना था कि पालतू कुत्ते वफादार होते हैं, लेकिन यह घटना साबित करती है कि जंगली स्वभाव कभी भी जाग सकता है। अब लोग अपने घरों में मौजूद पालतू कुत्तों को लेकर सतर्क हो गए हैं।" क्या कुत्ता बीमार था या उत्तेजित हो गया था? पुलिस कर रही जांच पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। क्या कुत्ता किसी बीमारी से पीड़ित था? क्या उसे मानसिक तनाव था? क्या कोई ऐसी वजह थी, जिसने उसे अचानक आक्रामक बना दिया? क्या