विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और निगरानी प्रशासन एवं निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है, ऐसे में जनप्रतिनिधि की मौजूदगी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी को चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत थी, तो उसके लिए निर्वाचन आयोग और प्रशासन के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखी जा सकती थी। पार्टी का आरोप है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा करती हैं। भाजपा के अनुसार, प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला द्वारा
कांग्रेस विधायक से स्ट्रांग रूम से बाहर आने का अनुरोध किए जाने के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। भाजपा ने आरोप लगाया कि इस दौरान राजेश शुक्ला के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने की घटना भी हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का पुतला दहन किया और नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता किच्छा कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को