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विरोधी मुझसे इसलिए डरते थे क्योंकि मेरे पीछे एक बड़ी पार्टी थी। लेकिन मैं पार्टी को डूबते नहीं देख सकता, इसलिए इस्तीफा देना पड़ा।” राज्य अध्यक्ष को लेकर जताई नाराजगी टी राजा सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी या नेतृत्व से कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन जिस व्यक्ति को तेलंगाना का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, उससे पार्टी के भविष्य को खतरा है। उन्होंने कहा, “रामचंदर राव से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, वे अच्छे इंसान और पेशे से वकील हैं, लेकिन उनमें वह नेतृत्व क्षमता नहीं है जो पार्टी को सत्ता तक पहुंचा सके।” पार्टी छोड़ने के बाद भी समर्थन
की बात राजा सिंह ने यह भी साफ किया कि वह पार्टी के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं बाहर से पीएम मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का प्रचार करूंगा। देश, धर्म और गौ रक्षा के लिए जान देने को तैयार हूं। मैं विरोधी नहीं हूं, सिर्फ मजबूर हूं।” कौन हैं टी राजा सिंह? टी राजा सिंह उर्फ ‘टाइगर राजा सिंह’ तेलंगाना की राजनीति में भाजपा के प्रमुख हिंदुत्ववादी चेहरों में से एक रहे हैं। वे हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं—2014, 2018 और 2023 में उन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की।