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संख्या मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, जनवरी 2026 में उत्तराखंड में कुल 84,55,994 पंजीकृत मतदाता थे। एसआईआर के दौरान यह संख्या घटकर 79,60,762 रह गई। इनमें से 8,41,020 मतदाताओं को एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में रखा गया है। वर्तमान में 71,16,650 मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। राज्य में 89.40 प्रतिशत गणना फॉर्म हुए डिजिटाइज निर्वाचन आयोग के अनुसार राज्यभर में अब तक 89.40 प्रतिशत गणना फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं। अधिकांश जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। प्रमुख जिलों की स्थिति इस प्रकार है— हरिद्वार – 90.33% नैनीताल – 90.58% अल्मोड़ा – 89.40% उधमसिंह नगर – 86.34% देहरादून – 86.08% बागेश्वर – 93.88% रुद्रप्रयाग – 94.27% उत्तरकाशी – 92.36% चमोली – 92.00% पिथौरागढ़ – 92.51% टिहरी गढ़वाल – 91.31% पौड़ी गढ़वाल – 90.38% चंपावत – 91.37% किन कारणों से हट सकते हैं 8.41 लाख नाम? मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक एएसडी श्रेणी में शामिल मतदाताओं के पीछे अलग-अलग कारण हैं— 1,24,278 मतदाताओं का निधन
हो चुका है। 4,79,762 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं। 61,888 मतदाता पहले से किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत पाए गए। 1,66,741 मतदाता सत्यापन के दौरान अनुपस्थित मिले। 8,351 अन्य कारणों से एएसडी श्रेणी में रखे गए हैं। इन मामलों की जांच पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इन जिलों में सबसे ज्यादा नाम हटने की संभावना प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जिन जिलों में सबसे अधिक नाम हटने की संभावना है, उनमें— देहरादून – 1,90,815 उधमसिंह नगर – 1,82,162 हरिद्वार – 1,31,047 नैनीताल – 72,053 अल्मोड़ा – 55,930 पौड़ी गढ़वाल – 53,386 टिहरी गढ़वाल – 44,062 अन्य जिलों में भी हजारों मतदाता एएसडी श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। 14 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि सभी मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराए गए थे। अब तक 71.16 लाख फॉर्म प्राप्त होकर डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जबकि 8.41 लाख मतदाता 'अनकलेक्टेबल' श्रेणी में हैं।