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धमकी देना, आत्महत्या की धमकी देना या निजी दुश्मनी निकालना आम होता जा रहा है। इसके अलावा हथियारों के साथ वीडियो, खतरनाक स्टंट या आपत्तिजनक गतिविधियां पोस्ट कर युवा व्यूज और लाइक बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों में वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करना और उसकी सच्चाई तक पहुंचना पुलिस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पुलिस का मानना है कि एडवांस टेक्नोलॉजी के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं। सकारात्मक पक्ष यह है कि सोशल मीडिया के जरिए सूचनाएं तेजी से साझा होती हैं, लेकिन नकारात्मक पहलू यह है कि कई लोग बिना किसी विश्वसनीय स्रोत के गलत या भ्रामक पोस्ट आगे
बढ़ा देते हैं। अक्सर देखा जाता है कि गलत खबरें ज्यादा तेजी से वायरल होती हैं, जिसका खामियाजा बाद में लोगों को भुगतना पड़ता है। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग करने वाले लोग किसी भी पोस्ट को शेयर करने से पहले अपने स्तर पर उसकी जानकारी जरूर जुटाएं और अन्य विश्वसनीय माध्यमों से पुष्टि करें। अगर कोई व्यक्ति गलत पोस्ट को आगे फॉरवर्ड करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। कई मामलों में गलत पोस्ट डालने और साझा करने पर मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। एसएसपी ने बताया कि