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कार्यान्वयन तथा निरंतर समर्पित भाव से विभिन्न क्षेत्रों में आये सकारात्मक बदलावों को ध्यान में रखकर प्रदान किया गया है। समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को भी सराहा गया है, जो विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में भी सहायक साबित होगा। इसके साथ ही सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रगति की दिशा में उनके द्वारा किये गए सराहनीय कार्यों के लिए भी उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है। ज्ञात रहे कि डॉ. हीरा लाल ने बांदा जिलाधिकारी के रूप में वहां की सिंचाई और पेयजल की सबसे बड़ी समस्या को विभिन्न नवाचारों के माध्यम से दूर किया था। इस जिले में मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए भी कई नवाचार किये, जो बेहद
सफल रहे। इसी तरह ग्रीन इलेक्शन, मॉडल गाँव और प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में भी उनके द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। पर्यावरण को बचाने के लिए डॉ. हीरा लाल “दो मां” की विचारधारा को लोगों के बीच साझा करते रहे हैं। डॉ. हीरालाल की मान्यता है कि एक मां तो हमें जन्म देती है लेकिन दूसरी धरती मां हमें पालती-पोसती है। धरती मां जल-जंगल और जमीन से बनी है। धरती मां और प्रकृति के संरक्षण को लेकर उनके द्वारा कई साल से व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। उनकी इन कोशिशों का धरातल पर बड़े पैमाने पर असर देखने को मिल रहा है और लोग खुद ही