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डेटा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई थी। इससे पहले साइबर अपराधों पर नजर रखने वाले सोशल मीडिया अकाउंट 'CyberPulse56' ने भी एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले को सामने लाया था। पोस्ट में 'SeriousM' नामक कथित हैकर समूह के हवाले से दावा किया गया कि उसके पास SBI ग्राहकों से संबंधित करीब 3.75 लाख डेटा एंट्री और 2,722 से अधिक PDF दस्तावेज मौजूद हैं। हालांकि, बैंक की जांच में इन दावों से जुड़े रिकॉर्ड्स में से 3,897 रिकॉर्ड वास्तविक पाए गए। इनमें ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से संबंधित जानकारियां मौजूद थीं। SBI ग्राहकों की कौन-कौन सी जानकारियां हुईं लीक? बैंक की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, लीक हुए रिकॉर्ड्स में ग्राहकों से संबंधित कई तरह की निजी जानकारियां शामिल थीं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: ग्राहकों के नाम और लिंग पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जन्मतिथि और आवासीय पता बैंक शाखा का विवरण और CIF कोड ऋण
आवेदन से संबंधित जानकारियां और महत्वपूर्ण दस्तावेज इस तरह की जानकारियों का गलत इस्तेमाल साइबर अपराधी फर्जी कॉल, ईमेल, संदेश और पहचान संबंधी धोखाधड़ी के लिए कर सकते हैं। हालांकि, इन रिकॉर्ड्स के सामने आने से यह अपने आप साबित नहीं होता कि सभी प्रभावित ग्राहकों के बैंक खाते या पासवर्ड भी उजागर हुए हैं। क्या ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है? डेटा लीक की खबर के बाद SBI के ग्राहकों के बीच खातों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का उसके मुख्य बैंकिंग परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। बैंकिंग सेवाएं और ग्राहकों के लेन-देन सामान्य रूप से जारी हैं। हालांकि, निजी जानकारी लीक होने के मामलों में ग्राहकों को सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर अपराधी लीक हुए डेटा का इस्तेमाल कर बैंक अधिकारी बनकर कॉल कर सकते हैं या व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। जांच के लिए